जीईएफ-5 और जीईएफ-6 कार्यक्रम कार्यक्रम Programme

परियोजना के बारे में

वैश्विक पर्यावरणीय मुद्दों पर केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी, वैश्विक पर्यावरण फैसलिटी (जीईएफ), ने अगले जीईएफ-6 चक्र के तहत भारत में ऊर्जा दक्षता को गति देने के लिए, ऊर्जा दक्षता के लिए बाजार का सृजन करने तथा उसकी सततता के लिए ईईएसएल के साथ भागीदारी की है। इस परियोजना का लक्ष्य विभिन्न ऊर्जा दक्ष प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके वर्ष 2032 तक कार्बन उर्त्सजन में लगभग छह करोड़ टन तक की कमी लाने की है।

https://gef6.eeslindia.org/

परियोजना के बारे में

भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता के कार्यान्वयन की मौजूदा बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से कार्य करते हुए, “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में ऊर्जा दक्षता के लिए बाजार परिवर्तन प्रोत्साहन” परियोजना औपचारिक रूप से माननीय एमएसएमई मंत्री श्री गिरिराज सिंह द्वारा छह फरवरी 2019 को शुरू की गयी थी। यह कार्यक्रम उद्योग को ऊर्जा दक्ष, लागत प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनाने के लिए समर्थन करने के लिए बनाया गया है। यह परियोजना भारत में ऊर्जा दक्षता के लिए वैश्विक पर्यावरणीय फैसिलिटी (जीईएफ) कार्यक्रमीय ढांचे के अनुसार है और इसमें संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) को कार्यान्वयन एजेंसी और एमएसएमई मंत्रालय को मुख्य क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में शामिल किया गया है। इस परियोजना के लिए मुख्य कार्यकारी भागीदार एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) है। भारतीय लघु औद्योगिक विकास बैंक (सिडबी) और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) परियोजना के लिए मार्गदर्शक एजेंसियां हैं। परियोजना अपने प्रमुख अवरोधों को दूर करके इस क्षेत्र में ऊर्जा दक्ष प्रौद्योगिकियों को अपनाने में तेजी लाने का लक्ष्य रखती है। इस परियोजना का उद्देश्य देश में चयनित एमएसएमई समूहों में 33-35 ऊर्जा दक्ष प्रौद्योगिकियां इस्तेमाल करने की है, जिनमें सहयोगी एमएसएमई इकाइयों की ऊर्जा आधार में सुधार की क्षमता और उसके प्रतिरूप की संभावनायें हैं । बाजार परिवर्तन के लक्ष्य के साथ, जहां परियोजना में एस्को (ऊर्जा सेवा कंपनी) के विभिन्न नवीन व्यवसाय मॉडल को अपनाया जाएगा, जहां एमएसएमई इकाइयों को निर्धारित समय में अपने मुद्रीकृत ऊर्जा बचत से भुगतान करना होगा।

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